अल नीनो के प्रभाव से भारत में भीषण गर्मी और सूखे का अलर्ट ! देखें मानसून पर कितना पड़ेगा असर ?

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अल नीनो के प्रभाव से भारत में भीषण गर्मी और सूखे का अलर्ट ! मानसून पड़ सकता है काफी कमजोर 

Udaipur Times, India's monsoon weakened by El Niño : भारत मौसम विभाग (IMD) ने संकेत दिया है कि इस साल देश में मॉनसून कमजोर रह सकता है और गर्मी के हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। इसके पीछे प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अल नीनो (El Niño) स्थिति को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। ये स्थिति आमतौर पर कम बारिश और अधिक तापमान से जुड़ी होती है।

मॉनसून पूर्वानुमान में कटौती

मौसम विभाग ने 29 मई को अपने मॉनसून पूर्वानुमान को संशोधित करते हुए कहा था कि इस बार देश में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। IMD के अनुसार, बारिश 90 प्रतिशत लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) रहने का अनुमान है, जिसमें 4 प्रतिशत की संभावित त्रुटि सीमा भी शामिल है। इससे पहले अप्रैल में बारिश का अनुमान 92 प्रतिशत LPA लगाया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, अल नीनो के सक्रिय होने से दक्षिण एशिया में मानसून कमजोर पड़ने और कई इलाकों में सूखा जैसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ जाता है।

खेती और जल संसाधनों पर असर की आशंका

मौसम विभाग रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मानसून का महत्व अत्यधिक है क्योंकि देश के लगभग आधे कृषि क्षेत्र में सिंचाई की पर्याप्त सुविधा नहीं है। इसी अवधि में देश के 91 प्रमुख जलाशय भी भरते हैं, जो बिजली उत्पादन और पेयजल आपूर्ति में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अतिरिक्त इस मौसम के दौरान खेती-किसानी पहले से ही उर्वरक की संभावित कमी जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।

कई राज्यों में भारी बारिश और अलर्ट

इस बीच मानसून के सक्रिय होने के बावजूद कुछ राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का असर देखा जा रहा है। केरल में भारत मौसम विभाग ने दो जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। राज्य के तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानमथिट्टा, कोट्टायम, त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड में भी इसी तरह की स्थिति का अनुमान है।

इसके साथ ही पांच जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। तेलंगाना के चार जिलों विकाराबाद, महबूबनगर, नारायणपेट और जोगुलम्बा गडवाल में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

भीषण गर्मी से बढ़ती मौतों पर अध्ययन

एक अन्य अध्ययन में ये दावा किया गया है कि भारत में भीषण गर्मी के कारण बड़ी संख्या में मौतें हो सकती हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, एक दिन की अत्यधिक गर्मी से लगभग 3,400 अतिरिक्त मौतें हो सकती हैं, जबकि पांच दिन की हीटवेव में यह संख्या 30,000 तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञों का ऐसा मानना है कि आधिकारिक आंकड़ों में अक्सर गर्मी से होने वाली मौतों को अलग से दर्ज नहीं किया जाता, जिससे वास्तविक स्थिति कम आंकी जाती है।

अमेरिका में भी चेतावनी संकेत

अमेरिका में किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि कई गर्मी से होने वाली मौतें उन तापमानों पर भी हुईं, जिन्हें सामान्यतः खतरनाक नहीं माना जाता। इससे यह संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय स्तर पर अलग-अलग हीट अलर्ट सिस्टम की जरूरत है, ताकि संवेदनशील आबादी को बेहतर सुरक्षा मिल सके।

जलवायु अनुसंधान पर भी चिंता

अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि अमेरिका में जलवायु शोध फंडिंग से जुड़े बदलावों के कारण इस क्षेत्र में रिसर्च पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इससे जलवायु विज्ञान और नवीकरणीय ऊर्जा शोध को झटका लग सकता है।

अल नीनो की स्थिति के कारण भारत समेत एशिया में मौसम के पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। जहां एक तरफ कमजोर मॉनसून और सूखे का खतरा बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में अचानक भारी बारिश और गर्मी से जुड़ी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।

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