सलूंबर: साधु बनकर कांस्टेबल ने दबोचा आजीवन कारावास का फरार अपराधी

कांस्टेबल की बहादुरी की चर्चा

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सलूंबर 10 फ़रवरी 2026। ज़िला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार यादव के निर्देशन में पुलिस ने वर्षों से फरार चल रहे आजीवन कारावास से दंडित कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सलूंबर जिले में तैनात कांस्टेबल हेमंत सिंह कानी द्वारा की गई।

पुलिस के अनुसार प्रकरण संख्या 332/2000 के तहत थाना सलूंबर में दर्ज गंभीर धाराओं में आजीवन कारावास से दंडित अभियुक्त पदिया मीणा निवासी गोवर्धनपुर लंबे समय से फरार चल रहा था। अभियुक्त के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय जोधपुर में भी प्रकरण लंबित था। इसके अलावा अभियुक्त थाना सूरजपोल, जिला उदयपुर के एक अन्य मामले में भी वांछित था।

लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सूचना मिली कि अभियुक्त नाम बदलकर पिछले कई वर्षों से मारवाड़ क्षेत्र में रह रहा है। आरोपी की तलाश के लिए कांस्टेबल हेमंत सिंह ने अत्यंत गोपनीय और रणनीतिक ढंग से साधु का वेश धारण कर भगवत कथा के बहाने स्थानीय ठेकेदारों और मजदूरों से संपर्क बनाया। स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान अभियुक्त की पहचान सुनिश्चित की गई।

जैसे ही आरोपी को पहचान कर बुलाया गया, उसने अपनी पहचान उजागर होने पर मौके से भागने का प्रयास किया। कांस्टेबल हेमंत सिंह ने करीब दो किलोमीटर तक पीछा किया। पीछा करते समय आरोपी ने पत्थर फेंककर हमला करने की कोशिश भी की, लेकिन कांस्टेबल ने बिना अपनी जान की परवाह किए पीछा जारी रखा। इस दौरान उन्होंने करीब 10 फीट ऊंची दीवार कूदकर आरोपी को दबोच लिया और काबू में कर लिया।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अभियुक्त वर्ष 2002 में सलूंबर उप कारागृह से सलाखें काटकर फरार हो गया था और वर्तमान में भी पैरोल से फरार चल रहा था। अभियुक्त को अत्यंत शातिर और खतरनाक अपराधी बताया गया है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लंबे समय से प्रयास कर रही थीं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे खतरनाक आरोपी को अकेले गिरफ्तार करना बेहद जोखिम भरा था, लेकिन कांस्टेबल हेमंत सिंह ने अदम्य साहस, उत्कृष्ट रणनीति और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह कार्रवाई पुलिस बल की पेशेवर क्षमता, समर्पण और साहस का प्रतीक मानी जा रही है।

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