सलूंबर: चाईनीज मांझे की बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध
सलूंबर 2 जनवरी 2026। जिले में मकर संक्रांति पर्व पर पतंग बाजी के लिए धातु के मिश्रण से निर्मित एवं चाईनीज मांझा की थोक एवं खुदरा बिक्री तथा उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा।
ज़िला कलक्टर एवं मजिस्ट्रेट अवधेश मीना ने बताया कि जिले में मकर संक्रांति पर्व पर पतंगबाजी के लिए धातु के मिश्रण से निर्मित तथा चाईनीज मांझा प्रयुक्त किया जाने लगा है। यह मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण के प्रयोग से तैयार किया जाता है, जो पतंग के पेंच लड़ाने में अधिक कारगार होता है। इस कारण से इसका प्रयोग अधिक किया जाने लगा है।
यह मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से निर्मित होने से धारदार तथा विद्युत का सुचालक होता है। इसके उपयोग के दौरान दुपहिया वाहन चालकों तथा आकाश में विचरण करने वाले पक्षियों को अत्यधिक जान-माल का नुकसान होना संभाव्य है। साथ ही विद्युत का सुचालक होने के कारण विद्युत तारों के सम्पर्क में आने पर विद्युत प्रवाह होने से पतंग बाजी करने वाले को भी नुकसान पहुँचना एवं विद्युत सप्लाई में बाधा उत्पन्न होना संभाव्य है। इस समस्या एवं खतरे के निवारण के लिए आवश्यक है कि धातु निर्मित मांझा तथा चाईनीज मांझा के उपयोग एवं विक्रय को निषेध किया जाए।
उच्च न्यायालय राजस्थान खण्डपीठ, जयपुर द्वारा डी.बी. सिविल रिट पिटीशन नं 15793/2011 महेश अग्रवाल बनाम राज्य एवं अन्य में जारी दिशा निर्देश दिनांक 22.08.2012 में पतंग उडाने के लिए उपरोक्त हानिकारक सामग्री से बने धागे के उपयोग को परमिट नहीं किया है।
उन्होंने बताया कि लोक स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा मानव एवं पशु-पक्षियों की जान के खतरे और विद्युत प्रसारण को बाधा रहित बनाए रखने के लिए नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 धारा 163 के अन्तर्गत निहित प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए धातु निर्मित मांझा तथा चाईनीज मांझा की थोक एवं खुदरा बिक्री तथा उपयोग राजस्व जिला सलूंबर के क्षेत्राधिकार में निषेध एवं प्रतिबंधित करने के आदेश जारी किए गए है।
इससे लोक स्वास्थ्य व विद्युत संचालन बाधारहित बनाए रखने एवं पक्षियों के लिये बड़े पैमाने पर बन चुके खतरे को रोकने में मदद मिलेगी। कोई भी व्यक्ति यदि इस प्रकार के मांझों का भण्डारण, विक्रय या परिवहन करेगा तो उसके विरूद्ध यथा उचित सम्यक कानून के तहत कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने बताया कि आमजन को यह भी निषेध किया जाता है कि पक्षियों को नुकसान से बचाने के लिए प्रातः 6 से 8 बजे तथा सायं 5 से 7 बजे तक पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा।
उन्होंने बताया कि यह आदेश सार्वजनिक हित में है एवं इस आदेश से प्रभावित व्यक्तियों पर नोटिस की तामील सामयिक रूप से कराया जाना संभव नहीं है। अतः एक तरफा आदेश का प्रचार-प्रसार व्यापक तौर पर पुलिस जरिए ध्वनि प्रसारण यंत्र व अन्य माध्यम से लोक सूचना के लिए प्रसार-प्रचार किया जाए। इस आदेश की अवमानना भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 एवं सुसंगत विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा तथा अवहेलना करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार अभियोग चलाया जाएगा। यह आदेश 31 जनवरी 2026 की मध्य रात्रि तक प्रभावी रहेगा।
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