Government News | राजस्थान में e-Zero FIR का बड़ा असर, पहले 30 घंटे में साइबर ठगी के 13 मामले स्वतः दर्ज
उदयपुर July 25, 2026 | Rajasthan Police News: महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में साइबर वित्तीय अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लागू की गई ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था ने पहले ही दिन अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। नई व्यवस्था लागू होने के पहले 30 घंटे के भीतर ही ₹1 लाख से ₹5 लाख तक की साइबर ठगी से जुड़े 13 ई-जीरो एफआईआर स्वतः दर्ज होकर संबंधित पुलिस इकाइयों तक पहुंच गए, जहां तत्काल विधिक एवं तकनीकी कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई। Rajasthan Police News
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री वी.के. सिंह ने बताया कि अब तक 466 ई-जीरो एफआईआर स्वतः पंजीकृत हो चुकी हैं। इससे साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती कार्रवाई की गति पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज हुई है। Rajasthan Police News in Hindi
अब शिकायत मिलते ही स्वतः शुरू होगी कार्रवाई
नई व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी), 1930 हेल्पलाइन तथा सीसीटीएनएस प्रणाली का एकीकरण किया गया है। इसके माध्यम से ₹1 लाख या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत मिलते ही संबंधित ई-जीरो एफआईआर स्वतः दर्ज हो जाएगी और जांच के लिए संबंधित पुलिस इकाई को भेज दी जाएगी। Rajasthan Police News
थाना क्षेत्र की बाध्यता नहीं बनेगी बाधा
नई प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि साइबर ठगी के मामलों में प्रारंभिक कार्रवाई थाना क्षेत्र की औपचारिकताओं में नहीं उलझेगी। शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित पुलिस इकाई आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर सकेगी, जिससे अपराधियों तक तेजी से पहुंचने और ठगी गई राशि को सुरक्षित रखने की संभावना बढ़ेगी। Cyber Crime in Rajasthan
पीड़ितों को मिलेगा त्वरित राहत का लाभ
नई व्यवस्था के माध्यम से साइबर ठगी की राशि को समय रहते फ्रीज कराने, बैंक खातों का विश्लेषण करने तथा धनराशि वापस दिलाने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और तेज होगी। इससे पीड़ितों को तत्काल राहत मिलने की संभावना बढ़ेगी और साइबर अपराधियों पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।
गोल्डन आवर में करें 1930 पर कॉल
राजस्थान पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर वित्तीय ठगी होती है तो बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। जितनी शीघ्र शिकायत दर्ज होगी, ठगी गई राशि को सुरक्षित रखने और वापस दिलाने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
