उदयपुर विकास प्राधिकरण की 3 आवासीय योजनाओं के 1109 भूखंडों की ई-लॉटरी संपन्न

आवास के सपनों को मिली ज़मीन

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उदयपुर। दक्षिण विस्तार सामुदायिक भवन में युडीए की आवासीय योजनाओं की ई-लॉटरी समारोह को संबोधित करते नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री श्री झाबरसिंह खर्रा तथा मंचासीन अन्य अतिथिगण UDA Udaipur e-lottery ceremony for residential plot allotment

उदयपुर, 25 दिसम्बर। राज्य सरकार की 'हमारा प्रयास, सबको आवास' संकल्पना को मूर्त रूप देते हुए उदयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से झीलों की नगरी उदयपुर के सुनियोजित विकास और नागरिकों को व्यवस्थित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तीन आवासीय योजनाओं के कुल 1109 आवासीय भूखंडों का ई-लॉटरी से आवंटन किया गया। राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चल रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला एवं भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर गुरूवार के दक्षिण विस्तार स्थित सामुदायिक भवन में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबरसिंह खर्रा के मुख्य आतिथ्य में समारोहपूर्वक ई-लॉटरी की गई। अत्याधुनिक एल्गोरिदम आधारित साफ्टवेयर से पूर्ण पारदर्शिता के साथ की गई ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया से कई लोगों के आवास के सपनों को जमीन मिली।

कार्यक्रम में उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, संभागीय आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी, पूर्व विधायक वंदना मीणा, यूआईटी के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र श्रीमाली सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी बतौर अतिथि उपस्थित रहे। UDA आयुक्त राहुल जैन एवं सचिव हेमेन्द्र नागर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आवासीय योजनाओं की जानकारी दी। इसमें बताया कि साउथ एक्सटेंशन सेक्टर-ए (सवीना खेड़ा), उद्यम विहार (कलड़वास) एवं नान्देश्वर एनक्लेव (नोहरा) में विकसित योजनाओं के लिए यह ई-लॉटरी आयोजित की गई। इन योजनाओं में आरक्षित दर पर भूखण्ड आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन 7 अक्टूबर से 17 नवम्बर 2025 तक आमंत्रित किए गए थे। प्राधिकरण को इन तीनों योजनाओं के लिए कुल 43,361 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें साउथ एक्सटेंशन के 550 भूखंडों के लिए 28,079, उद्यम विहार के 311 भूखंडों के लिए 9,530 तथा नान्देश्वर एनक्लेव के 248 भूखंडों के लिए 5,752 आवेदन शामिल हैं।

सुशासन का श्रेष्ठ उदाहरण है ई-लॉटरी

मुख्य अतिथि मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने राज्य सरकार की ओर से शहरी विकास को लेकर किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि लॉटरी प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन, स्वचालित एवं एल्गोरिदम आधारित सॉफ्टवेयर के माध्यम से आवेदकों की उपस्थिति में संपन्न हो रही है, इसमें किसी भी स्तर पर मानवीय हस्तक्षेप नहीं रखा गया, जिससे सभी पात्र आवेदकों को समान अवसर मिल सके। उन्होंने ई-लॉटरी प्रक्रिया को सुशासन का श्रेष्ठ उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसी पारदर्शी व्यवस्था से आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उन्होंने सफल आवंटियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार और यूडीए भविष्य में भी आमजन के लिए नई आवासीय योजनाएं लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

आवेदकों ने ही बताए लॉटरी प्रक्रिया के लिए एल्गोरिदम डिजिट

लॉटरी प्रक्रिया के प्रारंभ में मंत्री श्री खर्रा सहित अतिथियों ने रिमोट का बटन दबा कर पोर्टल ऑन किया। साफ्टवेयर सिस्टम के तहत प्रत्येक योजना में ईडब्ल्यूएस, अल्प आय वर्ग, मध्यम आय वर्ग तथा उच्च आय वर्ग श्रेणी और प्रत्येक श्रेणी में एसटी, एससी, दिव्यांग, राजकीय कर्मचारी, अधिस्वीकृत पत्रकार, ट्रांसजेण्डर सहित 9-9 उपश्रेणियों में आवंटन होना था। प्रत्येक श्रेणी और उपश्रेणी में लॉटरी के लिए 4 डिजिट का एल्गोरिदम अंकित करना अनिवार्य था। इसके लिए कार्यक्रम स्थल पर मौजूद आवेदकों से ही एक-एक डिजिट प्राप्त कर ई-लॉटरी संपादित कराई गई, ताकि पूर्ण पारदर्शिता बरती जा सके। कार्यक्रम स्थल पर मुख्य हॉल सहित पास ही स्थित एक अन्य हॉल तथा बाहरी परिसर में बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगाकर लॉटरी प्रक्रिया का प्रसारण किया गया। प्रत्येक आवंटन के बाद जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त कमेटी के हस्ताक्षर के साथ ही सूची सूचना पट्ट पर चस्पा भी की गई ताकि आवेदक उसका अवलोकन कर सकें। साथ ही सूची को युडीए की वेबसाइट पर अपलोड भी किया जा रहा है।

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