MLSU के रिटायर्ड अधिकारी के साथ करीब 68 लाख की साइबर ठगी

वीडियो कॉल के जरिए अधिकारी और उनकी पत्नी को 12 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट किया 

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MLSU retired officer cyber fraud case in Udaipur involving fake CBI digital arrest scam

उदयपुर 10 जनवरी 2026। मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के एक सेवानिवृत्त अधिकारी के साथ साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने खुद को दिल्ली सीबीआई का अधिकारी बताकर व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए अधिकारी और उनकी पत्नी को 12 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और करीब 68 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

MLSU के पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रह चुके न्यू केशवनगर क्षेत्र के डी रोड निवासी 68 वर्षीय भरत व्यास ने बताया कि 28 दिसंबर 2025 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया। कॉल करने वाले ने उनके नाम से शिकायत दर्ज होने की बात कही। इसके बाद व्हाट्सऐप वीडियो कॉल पर खुद को दिल्ली सीबीआई से लक्ष्मण बताते हुए कहा गया कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है और 20 लाख रुपये का लेन-देन सामने आया है।

इसके बाद जॉइंट कॉल में समाधान पंवार नामक व्यक्ति को जोड़ा गया, जिसने खुद को सीबीआई दिल्ली ब्रांच का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बताया। आरोप है कि दोनों ने कोर्ट में पेश करने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर भरत व्यास और उनकी पत्नी से बैंक खाते, बैलेंस और जेवरात की जानकारी ली और रकम जमा कराने का दबाव बनाया।

पीड़ित के अनुसार वरिष्ठ नागरिक होने और गिरफ्तारी के डर से उन्होंने बताए गए खातों में पहले 5.50 लाख रुपये जमा करवाए। इसके बाद 28 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए उन्हें डिजिटल अरेस्ट में रखा गया और अलग-अलग किस्तों में 5.50 लाख, 9 लाख, 20 लाख, 20 लाख, 2 लाख और 6.40 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए गए। कुल मिलाकर ठगों ने 67 लाख 90 हजार रुपये हड़प लिए।

पीड़ित ने बताया कि इस घटना से वे मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं और जिनसे पैसे उधार लिए थे, उन्हें लौटाने के लिए परिजनों से सलाह ले रहे हैं। साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान और राशि की रिकवरी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

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