अनन्ता अस्पताल के चिकित्सकों की मेहनत रंग लाई
राजसमंद 12 फ़रवरी 2026। राजसमंद के अनन्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाल एवं शिशु रोग विभाग के चिकित्सकों की अटूट गेहनत और विश्वास ने उदयपुर संभाग के सबसे कम वजनी बच्चे का लगभग 140 दिनों तक इलाज करके उसे 1400 ग्राम के साथ स्तनपान के लिये मां को सौंप दिया।
एग्जक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. नितिन शर्मा ने बताया कि अनन्ता अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में 23 सितम्बर 2025 को एक कम वजनी बच्चा आया जिसका जन्म 3 दिवस पूर्व ही हुआ था, नवजात शिशु के आने पर नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रणय त्रिवेदी एवं शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु आडवाणी ने देखा जिसे देखकर वे स्वयं आश्चर्यचकित रह गये कि बच्चे का वजन मात्र 570 ग्राम का था। जब चिकित्सकों ने मरीज के बारे में पूछताछ करी तो पता चला मीना लौहार ने 25 हफ्तों के बाद ही बच्चे को जन्म दे दिया था।
इस पर चिकित्सकों ने बच्चे को तुरंत NICU में भर्ती कर वेंटीलेटर पर रखा। दूसरे दिन बच्चे को NIV पर शिफ्ट कर दिया। कम वजन एवं प्री-मैच्योर डिलीवरी के कारण बच्चे को तुरंत ही ऐंटी बायोटिक भी शुरू करनी पड़ी। 25 से 30 दिन बाद बच्चे को HFNC पर रखना पड़ा। 14 दिन बाद आंखों की जांच करवाई गई जिसमें आंखें की मेच्युरिटी कम पाई गई, जिसे पर "आरओपी" बोलते है। आंखों के डॉक्टर द्वारा "बेवासीजुमाब" नामक दवाई डाली गई। साथ ही बच्चे में खून की कमी पाई गई जिसे हम "अनेमिया ऑफ प्री मैच्योरिटी" कहते है, जिसके कारण भी बच्चे को 5-6 बार खून दिया गया। बच्चे की हड्डियां भी कमजोर थी जिसके इलाज भी निरंतर चलता रहा। बच्चे को काफी समय पर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी जिससे उसको "बीपीडी" नामक बीमारी भी हो गई थी जिसका भी इलाज करा गया।
लगभग 140 दिनों तक आईसीयू में चिकित्सकों की निगरानी में रहने के बाद बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है और लगभग 1400 ग्राम वजन के साथ पूरी तरह से स्वस्थ बच्चा मां का दूध पी रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उदयपुर संभाग में इतना कम वजनी बच्चा और इतने समय तक अस्पताल में भर्ती होने का पहला मामला है। बच्चे की सम्पूर्ण देखभाल में डॉ. प्रणय त्रिवेदी, डॉ. हिमांशु आडवाणी, डॉ. भावना वैष्णव, विभागाध्यक्ष डॉ. प्रसून भट्टाचार्य एवं टीम का सहयोग रहा।
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