कोटड़ा क्षेत्र में ओवरलोड जीपों का खतरा

हादसे के बाद भी कार्रवाई नदारद
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Overloaded jeep in kotra

उदयपुर 22 जनवरी 2026 । ज़िले के आदिवासी बहुल कोटड़ा क्षेत्र में ओवरलोड जीपों का संचालन लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर 7 सीटर जीपों में 25 से 30 यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया जा रहा है। जीप के बोनट से लेकर छत और पीछे तक यात्री लटके हुए सफर करते नजर आते हैं। कई बार यात्रियों की भीड़ के कारण दूर से जीप दिखाई तक नहीं देती। इसके बावजूद आरटीओ और संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है। एक दिन पहले ही कोटड़ा के डिंगावरी क्षेत्र में 27 सवारियों से भरी एक ओवरलोड जीप अनियंत्रित होकर करीब 60 फीट गहरी खाई में गिर गई थी। हादसा चढ़ाई के दौरान अचानक ब्रेक फेल होने से हुआ। ओवरलोड होने के कारण चालक वाहन को संभाल नहीं पाया।

इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 19 यात्री घायल हुए। इनमें से 9 की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका इलाज जारी है। घायलों को पहले कोटड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर घायलों को उदयपुर रेफर किया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कोटड़ा-उदयपुर मार्ग पर केवल दो बसों का ही संचालन होता है, जिससे यात्रियों को मजबूरी में जीपों से सफर करना पड़ता है। घने जंगल और दुर्गम इलाके से गुजरने वाले इस मार्ग पर जीप के अलावा अन्य साधन भी नहीं चलते। आर्थिक रूप से पिछड़े इस आदिवासी क्षेत्र के अधिकांश लोग मजदूरी, खेती या अन्य काम के लिए शहर आते-जाते हैं।

हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े हादसे के बाद भी ओवरलोड जीपों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे भविष्य में ऐसे हादसों की आशंका बनी हुई है।

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