Salumber:तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रोसेसलेब कार्यशाला का समापन
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News-तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रोसेसलेब कार्यशाला का हुआ समापन
सलूंबर 11 सितम्बर। आदि कर्मयोगी अभियान उत्तरदायी शासन कार्यक्रम, जनजातीय विकास और परिवर्तन के लिए व्यक्तियों एवं संस्थानों को सशक्त बनाने हेतु जिला स्तरीय प्रोसेस लेब (तीन दिवसीय) कार्यशाला बुधवार को जिला कलेक्टर अवधेश मीना की अध्यक्षता में होटल वृंदावन में समापन हुआ।
कार्यशाला में एसीईओ दिनेश चंद्र पाटीदार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में आदि कर्मयोगी अभियान उत्तरदायी शासन कार्यक्रम हेतु जिले में चयनित ग्रामों में अंतिम छोर तक सेवा वितरण में तेजी लाने व जनजातीय विकास प्रणालियों को सुदृढ़ बनाने तथा गेप फिलिंग हेतु संतृप्त स्तर तक प्रत्येक पात्र परिवार के व्यक्ति को समस्त विभाग की योजनाओं का लाभ मिल सके। इस हेतु उक्त ग्रामों में सर्वे करवाकर पात्र परिवारों को सूचीबद्ध किया जाना है।
इस दौरान जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने बताया कि जनजाति समुदाय के आखिरी पंक्ति के आखिरी व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदान कर जनजाति समुदाय को लाभान्वित करें एवं जनजाति गांवों की विकास योजनाएं जनजाति समुदाय के हिसाब से तैयार कर ग्रामों का संपूर्ण विकास करें साथ ही , एक एक जनजाति गांव को अधिकारी गोद लेकर मूलभूत विकास की दिशा में कार्य करें। यह विचार जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने आदि कर्मयोगी अभियान के तहत डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब कार्यक्रम के समापन के अवसर पर व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के विकास और परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। अधिकारियों-कर्मचारियों को अपनी पूरी क्षमता और कौशल का उपयोग करते हुए योजनाओं को धरातल पर उतारना चाहिए। सभी मिलकर इस अभियान को जनहितकारी बनाएं, ताकि जनजातीय समुदाय आत्मनिर्भर बने और समग्र विकास की दिशा में नए आयाम स्थापित कर सके।
जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने कहा कि अभियान का लक्ष्य है कि जिले के अंतिम छोर तक हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाया जाए, जिससे उनके सामाजिक एवं आर्थिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए। यह पहल ग्राम स्तर पर योजनाओं एवं सेवाओं की बेहतर पहुँच, पारदर्शिता, जवाबदेही और नवाचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है। सरकार की ओर से जनजातीय समुदाय के लिए चिन्हित सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में सांस्कृतिक रूप से जुड़ा स्थानीय नेतृत्व तैयार किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंच सके।
कलेक्टर अवधेश मीना ने समापन के अवसर पर कहां कि आदि कर्म योगी योजना के माध्यम से सभी मास्टर ट्रेनर जनजाति समुदाय के गांव में जाकर सरकार की योजनाओं को शत प्रतिशत प्रदान करने का कार्य करेंगे और जनजाति समुदाय से चर्चा कर विकास योजना बनाए जिससे कि उस क्षेत्र के लोगो लाभ हो सके।
कार्यक्रम के दौरान रात्रि चौपाल एवं नाट्य मंचन भी किया गया जिससे आमजन को जागरूक किया जाए एवं उनकी मूलभूत समस्याओं को पहचानकर अधिकारी स्वयं आमजन की तरह सोच कर समस्याओं को चिन्हित करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजलक्ष्मी गहलोत ने बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य सामाजिक बुनियादी ढांचे में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आजीविका के महत्वपूर्ण अंतराल को समाप्त करना है एवं आदि सेवा केन्द्र की स्थापना करना तथा आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य भविष्य में अनुसूचित जनजातियों के लिए चलने वाली विभिन्न योजनाओं की मॉनिटरिंग किया जाना एवं उस ग्राम में स्थित समस्त आदि कर्मयोगी, आदि सहयोगी, आदि साथी की समय समय पर बैठक किया जाना प्रस्तावित है। अतिरिक्त जिला कलक्टर राजलक्ष्मी गहलोत ने सभी कर्मयोगी अधिकारियों के इस जनजाती वर्ग के उत्थान हेतु उन्हें मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने हेतु उनके सहयोगी के रूप में सहायक बनकर समाज की मुख्य धारा में लाने हेतु सभी आदि कर्मयोगी मास्टर ट्रेनरों की तैयारी को परखा एवं जनजाती वर्ग के उत्थान में सहायक बनकर उन्हें सुविधाएं दिलाने हेतु सभी कर्म योगी अधिकारियों को प्रतिज्ञा दिलवाई गयी।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिवस में अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजलक्ष्मी गहलोत ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशस्ति पत्र किए। टीएडी विभाग वेद प्रकाश ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के जनजातीय समुदाय को केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुँचाते हुए उन्हें सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना है। जनजातियों को समाज के मुख्य धारा में जोड़ने हेतु संकल्पित भाव से कार्य करें तथा जनजातीय समाज को सशक्त बनाने की दिशा में योगदान दें।
एसीएफ महेंद्र सिंह चुंडावत ने बताया कि आदि कर्मयोगी जिसका मूल उद्देश्य जिले के जनजातीय समुदाय को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को सुदृढ़ करना है। यह अभियान जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने, आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है।
इस दौरान एसीईओ दिनेश चंद्र पाटीदार, टीएडी विभाग वेद प्रकाश,एसीएफ महेंद्र सिंह चुंडावत, सीएमएचओ डॉ महेन्द्र परमार, अनुकूल खोखर सहित अन्य मास्टर ट्रेनर इत्यादि उपस्थित रहे।
News-अटल जन सेवा शिविर का आयोजन आज
सलूंबर, 11 सितंबर। राजस्थान सरकार के निर्देशों की अनुपालना में जिला सलूंबर में त्रि-स्तरीय जनसुनवाई की श्रृंखला के तहत द्वितीय गुरूवार, 11 सितंबर को अटल जन सेवा शिविरों का आयोजन किया जायेगा।
अतिरिक्त जिला कलक्टर राजलक्ष्मी गहलोत ने बताया कि सितंबर माह के द्वितीय गुरुवार 11 सितंबर को जिले में प्रातः 10 बजे से अटल जन सेवा शिविर का आयोजन किया जायेगा।अटल जन सेवा शिविर में वी.सी. के माध्यम से राज्य स्तर से संवाद हेतु सभी ब्लॉक का चयन किया गया है, जिला कलक्टर अवधेश मीना सेमारी ब्लॉक से वी.सी. से जुडेगें इसलिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं तथा उन्होने समस्त संबंधित अधिकारियों को जनसुनवाई के दौरान उपस्थित रहकर आमजन की परिवेदनाओं का संतोषजनक निवारण करने के निर्देश दिये।
News-सुरक्षा जवान एवं सुरक्षा सुपरवाईजर के लिए भर्ती शिविर आज झल्लारा में
सलूंबर 11 सितंबर। भारतीय सुरक्षा दक्षता परिषद नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में एसआईएस सिक्योरिटी ट्रेनिंग सेंटर उदयपुर द्वारा शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए सुरक्षा जवान, सुरक्षा सुपरवाइजर एवं सुरक्षा अधिकारी के लिए भर्ती कैंप का आयोजन 08 सितम्बर से जिले की पंचायत समितियों मे आयोजित किए जा रहे हैं, आज 10 सितम्बर को जिले की झल्लारा पंचायत समिति मे शिविर आयोजित किया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार किसी भी पंचायत समिति के अभ्यर्थी किसी भी पंचायत समिति मे लगने वाले शिविर में भाग ले सकते हैं,भर्ती केम्प का समय प्रातः 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक रहेगा।
कमांडेंट राकेश चौधरी ने बताया कि सुरक्षा जवान के लिए 10वीं कक्षा उत्तीर्ण बेरोजगार युवा की उम्र 19 से 40 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। अभ्यर्थी की ऊँचाई 168 से 170 सेमी एवं वजन 55 से 90 किलोग्राम होना आवश्यक है। अभ्यर्थी अपनी 10 वीं व 12 वीं सहित समस्त शैक्षिक एवं प्रशैक्षिक योग्यता की अंकसूची, आधार कार्ड, पेन कार्ड की फोटोकॉपी एवं दो पासपोर्ट साईज फोटो के साथ भर्ती कैम्प में उपस्थित होकर आवेदन कर सकते है।
चयनित युवाओं को एक माह का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके पश्चात प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के साथ भारत सरकार एवं राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र में जैसे जोधपुर एम्स, जोधपुर आईटीआई, बाड़मेर माइंस, जेके सीमेंट निंबाहेड़ा, चित्तौड़गढ़ किला, कुंभलगढ़ किला, जेसीबी जयपुर, ताज होटल, ताज महल, सिंघानिया यूनिवर्सिटी उदयपुर, मारुति गुजरात, RCM भीलवाड़ा, हिंदुस्तान जिंक, मेट्रो, एयरपोर्ट,जेके लक्ष्मी सीमेंट जैतारण, अस्पताल,धार्मिक स्थल, ऐतिहासिक धरोहरों के साथ निजी क्षेत्र में नियुक्ति दी जाएगी l
सुरक्षा जवान को 14 हजार से 22 हजार व सुरक्षा सुपरवाईजर को 18 हजार से 28 हजार मासिक वेतन के साथ 65 वर्ष तक स्थाई नौकरी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही पीएफ , पेंशन, जीवन बीमा, मेडिकल, सालाना वेतन में वृद्धि, प्रमोशन, आवास एवं मेस आदि सुविधाएं भी दी जाएगी।अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 9694371137, 70737449 पर संपर्क कर सकते हैं।
News-मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना आवेदन की अंतिम तिथि 14 सितंबर
सलूंबर,11 सितंबर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के ऑनलाइन आवेदन 14 सितंबर तक आमंत्रित किए गए हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक ममता जाखड़ ने बताया कि पात्र आवेदक विभागीय वेबसाइट पर योजना के संशोधित नवीनतम विस्तृत दिशा निर्देश एवं मानक संचालन प्रक्रिया 2024 एवं सत्र 2025-26 से यथा संशोधित प्रावधानों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि योजनान्तर्गत विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षाओं एवं सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी उत्कृष्ट ढंग से कराने के अवसर होनहार पात्र विद्यार्थियों को मिलेगा।
ममता जाखड़ ने बताया कि बताया कि योजनान्तर्गत विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स जैसे आरएसएसबी एवं आरपीएससी द्वारा आयोजित जिसमें समस्त प्रकार की परीक्षा / कोर्स जिसमें कनिष्ठ सहायक, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी, रीट, कांस्टेबल, रेलवे, बैकिंग, क्लेट, आरएएस, आईएस मेडिकल प्रवेश एवं अन्य प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर सकते है।
सहायक निदेशक ने बताया कि योजनान्तर्गत आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग, आर्थिक पिछड़ा वर्ग एवं विशेष योग्यजन श्रेणी का सदस्य तथा राजस्थान राज्य का मूल निवासी होना चाहिए। योजना के तहत परिवार की वार्षिक आय 8 लाख से कम हो या जिनके माता-पिता राजकीय कार्मिक पर पे मैट्रिक्स का अधिकतम लेवल-11 तक का वेतन प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे विद्यार्थियों को विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स एवं नौकरियों के लिए आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी उत्कृष्ट ढंग से करवाने का अवसर मिलेगा। विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों की ओर से प्रत्येक वर्ग तथा परीक्षा के लिए निर्धारित सीट का चयन राज्य स्तर पर जारी मेरिट सूची के अनुसार किया जाता है। पात्र विद्यार्थी एसजेएमएस पोर्टल पर अनुप्रति पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते है।
सहायक निदेशक ने बताया कि इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी जनाधार, मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र एवं अन्य वांछित जानकारी तथा राज ई-वॉल्ट/डिजी लॉकर में 10वीं एवं 12वीं की अंकतालिकाओं का डेटा अपलोड एवं अद्यतन कर लेवें ताकि पोर्टल पर ऑटो-फेच हो सके तथा बिना किसी परेशानी के सहजता से आवेदन ऑनलाईन किया जा सकें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के संशोधित नवीनतम विस्तृत दिशा-निर्देश विभागीय वेबसाईट पर उपलब्ध हैं तथा समाज कल्याण विभाग सलूंबर से संपर्क कर सकते है।
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