Salumber: राज्यपाल ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय प्रेमनगर का दौरा

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News-राज्यपाल बागडे़ ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय प्रेमनगर में छात्रों के साथ बनाया अपना जन्मदिन और छात्रों से किया संवाद एवं पौधारोपण

सलूंबर 18 अगस्त 2025 । सलूंबर प्रवास के दौरान राज्यपाल हरिभाऊ बागडे़ ने रविवार को एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय प्रेमनगर के छात्रों के साथ अपना जन्मदिन मनाया और छात्रों के साथ संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर में आम का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। 

मेडिकल कैम्प निरीक्षण ओर राजीविका स्टोल का किया निरीक्षण

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने रविवार को एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय प्रेमनगर में लगे मेडिकल कैंप और राजीविका के स्टोल का निरीक्षण किया और जानकारी प्राप्त की इस दौरान उन्होंने विश्वेष योग्यजनों को ट्राई साइकिल वितरित की गई। इसके पश्चात लाभार्थी केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ वितरण कार्यक्रम में पहुंचे इस दौरान उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने पगड़ी पहनाकर स्वागत अभिनंदन किया।

विधायक शान्ता अमृत लाल मीणा ने स्वागत उद्बोधन दिया और उन्होंने कहा कि राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने अपना जन्मदिन बच्चों के साथ मनाया ये हमारे लिए सौभाग्य की बात है और दूरदराज के गांवों में आकर आमजन से बात करने वाले राज्यपाल है और जन्मदिन की शुभकामनाएं प्रेषित की।

उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने कहा कि सलूंबर जिले के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवान्वित करने वाला पल हैं ये तो बहाना की जन्मदिन के मौके पर पधारे हैं हमारे लिए यह गौरवान्वित करने वाला पल है उन्होंने बताया कि सलूंबर नया जिला है और यहां डीएम एफटी का गठन कर दिया गया है और ग्राम पंचायत स्तर तक अब आसानी से विकास कार्य होंगे और उन्होंने बताया कि जिले में धरती आबा अभियान के तहत जिले 10 छात्रावास खोले गए है तथा आने वाले समय में युवाओ से नेतृत्व करने की बात कही। 

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कार्यक्रम के दौरान कई लाभार्थियों को लाभान्वित किया इस दौरान उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की जीवनशैली और प्रकृति से गहरे जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि “आदिवासी समाज सदा से ही प्रकृति पूजता आया है। उनके रीति-रिवाज, पर्व-त्योहार, जीवन मूल्य सब कुछ पर्यावरण के संरक्षण और सम्मान से जुड़े हुए हैं। आज हम सबके लिए यह सीखने का समय है कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर कैसे जिया जाए।

इस दौरान उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा लड़ाई भी मेवाड़ प्रांत में हुई और कभी भी मेवाड़ ने स्वाभिमान के साथ समझौता नहीं किया। ग्रामीणों से मुखातिब होते हुए राज्यपाल ने कहा कि आदिवासी समाज ने महाराणा प्रताप को मुगलों के साथ युद्ध में बहुत सहायता की। उन्होंने राजा बांसिया भील, राणा पुंजा, राजा डुंगरिया भील, राजा कुशला भील, राजा कमल भील, राजा कोटिया भील आदि को याद करते हुए कहा कि समाज के इन महान लोगों के योगदान को हमें भूलना नहीं है। राणा प्रताप आज भी हमारे दिल मे हैं। वैसे ही इन सभी को भी याद रखना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही सतत उत्थान का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। इसलिए अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देवें। 

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करें और उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करें। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए "पढ़ाई, दवाई और गांव में ही कमाई" के सिद्धांत पर कार्य करने पर बल दिया।

शिक्षा वहीं जो  गरीबी और चुनौती का सामना करना सिखाए

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का अर्थ सिर्फ अंक लाना नहीं है। शिक्षा का सीधा संबंध बौद्विक क्षमता विकास से है। सच्ची शिक्षा वहीं है जो विद्यार्थी को हर चुनौती का सामना करने के योग्य और समाधान करने में सक्षम बनाए। श्री बागड़े ने इस दौरान उन्होंने कहा कि अपनी बौद्धिक और शारीरिक क्षमता को बढ़ाओ ओर हिरण का उदाहरण देते हुए कहा कि एक समय में आदिवासी समाज हिरण की तरह तेज दौड़ लगाता था लेकिन आज थोड़ा दौड़ने पर भी हाफ जाते हैं इसलिए उन्होंने शारीरिक क्षमता को बढ़ाने की बात कही तथा अपनी आने पीढ़ी को अच्छा जीवन देने की कोशिश करने की बात कही और अपने बच्चों को खूब पढ़ाएं। शिक्षा से ही जीवन में विकास के अवसर मिलते हैं।

इस दौरान आज पुनः दोहराते हुए कहा कि गरीबी दूर करनी है तो केवल शिक्षा से दूर हो सकती है इसलिए बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करे। उन्होंने कहा कि आप किसी से कम नहीं हैं, स्वयं को किसी से कम नहीं आंके। आप भी पढ़ाई के माध्यम से उच्च पदों तक पहुँच सकते हैं। उन्होंने आमजन से नशे और अन्य प्रकार के व्यसन से दूर रहने की अपील की। व्यसनमुक्त परिवार बनाएं, जो परिवार व्यसन मुक्त होगा उनके बच्चे भी आगे बढ़ेंगे तथा बौद्धिक और शारीरिक क्षमता को बढ़ाने की बात कही ।

इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव जनजाति विकास कुंजीलाल मीणा, जिला कलेक्टर अवधेश मीना, पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार यादव,आयुक्त जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग कन्हैयालाल स्वामी,विधायक शान्ता अमृत लाल मीणा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजलक्ष्मी गहलोत, एसडीम जगदीश चन्द्र बामनिया, पीआरओ पुष्पक मीणा, सहित जिला स्तरीय अधिकारीगण, लाभार्थी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।