रेलवे स्टेशन-बस स्टैंड पर प्रीपेड बूथ नहीं होने से मनमानी वसूली
उदयपुर 23 नवंबर 2025। देसी विदेशी पर्यटकों, डेस्टिनेशन वेडिंग और शाही शदियों वेडिंग के लिए मशहूर लेक सिटी पर्यटन नगरी के रूप में तेज़ी से विकसित हो रही है। एक तरफ जहाँ नाईट टूरिज्म के लिए फतहसागर किनारे रानी रोड स्थित राजीव गाँधी पार्क में नाईट फ़ूड बाजार बनाने की कवायद चल रही है वहीँ पर्यटन को बढ़ावा देने की हर मुमकिन कोशिश हो रही है जबकि कुछ आधारभूत सुविधाओं का अभाव भी खटकता है।
यहाँ आने वाले पर्यटकों को न सिर्फ शहर में बल्कि रेलवे स्टेशन और केंद्रीय बस स्टैंड पर भी ऑटो चालकों को मनमानी का शिकार होना पड़ रहा है। शहर के सिटी रेलवे स्टेशन और केंद्रीय बस स्टैंड पर प्री पेड ऑटोरिक्शा बूथ न होने से पर्यटको और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को गंतव्य तक पहुँचाने के लिए ऑटो और रिक्शा चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूला जाता है।

कुछ वर्षो पहले सिटी रेलवे स्टेशनो पर प्री पेड ऑटोरिक्शा बूथ स्थापित किया गया था। इस बूथ पर सिटी स्टेशन से शहर के विभिन्न इलाको की दूरी के हिसाब से परिवहन विभाग द्वारा अनुमोदित किराया सूची भी थी, जिससे यात्रियों को किराया निर्धारित करने में सुविधा रहती थी।
कुछ समय तक यह बूथ संचालित भी हुआ लेकिन अज्ञात कारणों से बंद कर दिया गया। लंबे अरसे तक यह बूथ लावारिस हालत में डिवाइडर पर रखा रहा। पिछले वर्ष अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उदयपुर सिटी स्टेशन के पुनर्विकास और विस्तार का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद पूरी तरह हटा दिया गया। अब बूथ के नदारद होने से यात्रियों विशेषकर पर्यटकों से मनमाना किराया वसूला जाता है। भारी भरकम लगेज लेकर उतरने वाले यात्रियों के पास कोई विकल्प नहीं होने से मजबूरन मनमाना किराया चुकाना पड़ता है।
एक ऐसा ही प्री पेड ऑटोरिक्शा बूथ उदियापोल स्थित केंद्रीय बस स्टैंड पर भी मौजूद था। बस स्टैंड परिसर में सड़क निर्माण कार्य शुरू होने पर इस बूथ को हटाकर भीतर रखा गया फिर कुछ समय बाद इस बूथ को उदियापोल चौरहा पर रखा गया लेकिन इसके बाद वह बूथ भी न जाने कहाँ नदारद हो गया। प्री पेड सेवा पूरी तरह बंद होने से रेलवे स्टेशन की बस स्टैंड पर उतरने यात्रियों को भी वहीँ समस्या का सामना करना पड़ता है।

ऐसा नहीं है कि इस परेशानी का सामना सिर्फ पर्यटकों को करना पड़ता है। स्थानीय लोग भी यात्रा करके उदयपुर लौटते है तो उन्हें भी रेलवे स्टेशनो और बस स्टैंड पर ऑटो चालकों की मनमानी का सामना करना पड़ता है। पर्यटन सीज़न में तो कई बार ऑटो चालक स्थानीय लोगो को लाने ले जाने में दिलचस्पी ही नहीं दिखाते। कारण कि पर्यटको को होटल ले जाने के लिए ऑटो चालकों में होड़ लगी रहती है। क्योंकि होटल, लाउंज और गेस्ट हाउस वाले उन्हें ग्राहक लाने के लिए कमीशन देते है। इसलिए जब स्थानीय लोग उन्हें गली मोहल्ले में चलने को बोलते है तो वह दिलचस्पी ही नहीं दिखाते।
रेलवे स्टेशन पर तो निर्माण कार्य चल रहा है जिसका अनुमानित समय अगस्त 2026 दिया गया है। निर्माण कार्य पूरा होने और सुचारु रूप व्यवस्थित होने के बाद ही वहां पुनः प्री पेड बूथ स्थापित किया जा सकता है। लेकिन केंद्रीय बस स्टैंड पर तो स्थापित किया ही जा सकता है।

उदयपुर स्थानीय प्रशासन, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस, पर्यटन विभाग सभी को इस संबंध में आवश्यक कदम उठाना चाहिए। रेलवे स्टेशन और केंद्रीय बस स्टैंड स्थानों पर प्री पेड ऑटोरिक्शा बूथ की स्थापना के साथ साथ शहर के ऑटोचालकों को अपने ऑटो में मीटर लगाए जाने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए ताकि कोई भी मनमाना किराया देने को मजबूर न हो चाहे वह पर्यटक हो अथवा स्थानीय बाशिंदे।
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