नया साल 2026: उदयपुर की उम्मीदें आसमान पर, हकीकत ज़मीन पर?

2026 में उदयपुर को क्या मिलेगा, क्या फिर छूट जाएगा? उम्मीदों और इंतज़ार की पूरी कहानी

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उदयपुर 28 दिसंबर 2025।  साल 2025 अब विदा होने की तैयारी में है जबकि नए साल 2026 का आगमन होने वाला है। आइये एक नज़र डालते है नए साल में उदयपुरवासियों की वह उम्मीदे और आशाएँ जिन्हे वह इसी साल पूरा होते देखना चाहते है। पहले जानते है वह उम्मीद जो की 2026 में हो सकती है पूरी 

उदयपुर अहमदाबाद (असारवा) मार्ग पर दौड़ सकती है वंदे भारत ट्रेन 

उदयपुर से अहमदाबाद के असारवा जंक्शन तक आने वाले साल में दौड़ सकती है वंदे भारत ट्रेन। उदयपुर से अहमदबाद के असारवा तक वंदे भारत के जल्द संचालित होने के संकेत रेलवे ने भी दे दिया है।  एक रही उम्मीद है जो निकट भविष्य में पूरी होने की संभावना है। 

पर्यटकों के लिए डबल डेकर ई बस

राजस्थान के पर्यटन मानचित्र पर छाए रहने वाले तीन प्रमुख शहरों यानि झीलों की नगरी उदयपुर, गुलाबी नगरी के रूप में विख्यात प्रदेश की राजधानी जयपुर, और सन सिटी के नाम से मशहूर जोधपुर में आगामी वर्ष से पर्यटकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस संचालित की जाएगी। 

जयपुर में 30 और उदयपुर, जोधपुर में 10-10 बसें चलेंगी। इन बसों के रूट शहरों के पर्यटन स्थलों से जोड़े जाएंगे। बसों में एक बार टिकट लेने के बाद पूरे दिन सफर किया जा सकेगा।  इन बसों के रूट एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से जोड़े जाएंगे, ताकि शहरों में आने वाले पर्यटकों की पर्यटन स्थलों तक आवाजाही आसान हो सके। 

नेहरू पार्क में शुरू होगा म्यूजिकल फाउंटेन 

शहर के पंचगौरव में गौरव शामिल विश्व प्रसिद्ध फतहसागर झील के मध्य स्थित नेहरू उद्यान में भ्रमण के लिए शहरवासियों और पर्यटकों को जीर्णोद्धार और सुदृढीकरण कार्य के पश्चात् 5 सितंबर 2025 को उद्यान का लोकार्पण किया गया। नए वर्ष में उद्यान में म्यूजिकल फाउण्टेन एवं फसाड लाईटिंग का कार्य पूर्ण होने के उपरान्त उद्यान का समय भी बढ़ाकर रात्रि 9ः30 बजे तक किया जाएगा, ताकि आने वाले पर्यटक अधिक से अधिक म्यूजिकल फाउण्टेन एवं आकर्षक लाईटिंग का लुत्फ उठा सकें। अभी नेहरू पार्क सुबह से 9:00 बजे से सांय 6:00 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहता है।  

अगस्त 2026 तक पूरा हो जाएगा उदयपुर सिटी स्टेशन का पुनर्विकास कार्य 

उदयपुर सिटी स्टेशन की इमारत मेवाड़ क्षेत्र की परंपराओं को समाहित करते हुए आधुनिक वास्तुकला और विरासत के मिश्रण से सुसज्जित है। इसका अग्रभाग उदयपुर क्षेत्र की स्थानीय विरासत इमारतों से मेल खाएगा और उनका पूरक होगा तथा राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, लोकाचार और नैतिकता को प्रदर्शित करेगा। 304.08 करोड़ रुपये की लागत से उदयपुर सिटी स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य  अगस्त 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कुछ वोह उम्मीद जो जिनका इंतज़ार बरसो से है जिनकी 2026 में पूरी होने की उम्मीद बेहद कम है  

लंबा हो सकता है उदयपुर अहमदाबाद ब्रोडगेज़ पर मुंबई और दक्षिण भारत तक जाने वाली ट्रेनों का इंतज़ार 

एक लंबे इंतज़ार के बाद उदयपुर अहमदाबाद रुट पर रेलसेवा शुरू हुई। वर्तमान में इस ट्रेक पर उदयपुर से अहमदाबाद (असारवा) तक रेलगाड़ियों का संचालन हो रहा है। अब जनता इस ट्रेक पर और अधिक ट्रेन संचालित होने का इंतज़ार कर रही है। खासकर जनता इस ट्रेक के ज़रिये मुंबई वाया अहमदाबाद और उदयपुर से वाया अहमदाबाद दक्षिण भारत से जुड़ने की भी बेसब्री से इंतज़ार कर रही है। उदयपुर और मेवाड़ की नेतानगरी की माने तो इस साल यह उम्मीद पूरी हो सकती है लेकिन आपको बता दे की जब तक अहमदाबाद के कालूपुर जंक्शन का पुनर्निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता तब तक इस उम्मीद के पूरा होने की कोई उम्मीद नहीं है। कालूपुर जंक्शन का पुनर्निर्माण कार्य 2027 में पूरा होगा तब तक मेवाड़ के नेताओ की बयानबाज़ी, वादे और जुमलेबाज़ी से अपना दिल खुश रखने के सिवाय कोई चारा नहीं। अगर इस साल (2026) में यह उम्मीद पूरी हो जाये तो यकीन मानिये यह एक चमत्कार से काम नहीं होगा।   

क्या अरावली को मिलेगा इंसाफ ?

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अरावली को लेकर एक भयावह फैसला आया था जिसके तहत 100 मीटर से ऊँची पहाड़ी ही अरावली मानी जाएगी, यानि जो पहाड़ियाँ 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली है, वे मानवीय प्रयोग मसलन खानों व व्यावसायिक प्रयोग व निर्माण हेतु प्रयुक्त हो सकेगी। उसके बाद अरावली संरक्षण को लेकर प्रदेश की विपक्षी पार्टी कांग्रेस और पर्यावरण प्रेमी से लेकर अधिवक्ता तक अरावली को बचाने की मुहीम में आंदोलनरत है। हालाँकि राजस्थान सरकार बार बार सांत्वना दे रही है की अरावली में अब और अधिक खनन की इजाज़त नहीं दी जाएगी। उम्मीद है पर्यावरण प्रेमियों की पुकार पर सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा।      

लेकसिटी से इंटरनेशनल फ्लाइट  

पर्यटन नगरी और झीलों का शहर लेकसिटी के पयर्टन उद्योग को चार चाँद लगाने की दृष्टि से उदयपुर के महाराणा प्रताप हवाई अड्डे से वर्तमान में घरेलु उड़ानों के साथ साथ इंटरनेशनल फ्लाइट का इंतज़ार ने सिर्फ लेकसिटी के पर्यटन जगत को बल्कि मेवाड़ वागड़ से खाड़ी देशो में कार्यरत अप्रवासियों को भी बेसब्री से इंतज़ार है। 

यदि लेकसिटी से इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू हो जाए तो न सिर्फ पर्यटन और व्यापर जगत बल्कि अप्रवासी भी लाभन्वित होंगे। लेकिन लगता नहीं की यह उम्मीद भी पूरी होगी कम से कम इस साल तो कतई नहीं। ऐसा इसलिए कि एक तो एयरपोर्ट पर फ़िलहाल विस्तार का कार्य चल रहा है। दूसरा राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी। नवंबर में जारी विंटर शेड्यूल में जहाँ पुणे जुड़ने वाला था। वह तो जुड़ा नहीं उल्टा अहमदाबाद और भोपाल की फ्लाइट्स भी छिन गई ऐसे में जहाँ उदयपुर से मात्र 6 शहरों दिल्ली, मुंबई, जयपुर, बेंगलरू, हैदराबाद और इंदौर की ही एयर कनेक्टिविटी उपलब्ध है जबकि पुणे, चेन्नई, कोलकाता जैसे बड़े शहर भी नहीं जुड़ पा रहे है वहां इंटरनेशनल फ्लाइट से जुड़ने का सपना इस साल तो दूर की कौड़ी ही लग रहा है। 

हाईकोर्ट बेंच 

मेवाड़ वागड़ की जनता के इस दीर्घकालीन सपने को हकीकत में बदलना फिलहाल संभव नहीं लग रहा है। प्रदेश के सत्ता पर काबिज़ दोनों ही बड़ी पार्टिया इस मुद्दे को चुनावो के समय जनता को झुनझुना तो थमा देती है लेकिन जनता के हाथ अभी भी हाईकोर्ट बेंच से खाली है। इस को लेकर बड़े बड़े आंदोलन भी हो चुके है लेकिन नतीजा सिफर ही रहा है कारण की मेवाड़ के वर्तमान नेतृत्व में दोनों ही पार्टी के कागज़ी शेर इस मुद्दे पर दहाड़ने की ताकत खो चुके है। 

ट्रैफिक जाम से कब मिलेगी मुक्ति

लगभग चार साल से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई हुई है बावजूद इसके की स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट द्वारा सड़क की खुदाई और भरने का काम तो पूरा हो गया लेकिन ट्रैफिक जाम से शहर से मुक्ति नहीं मिली है। साल 2024 में फतहपुरा चौराहे से अतिक्रमण हटाया गया। इसी प्रकार 2025 में शहर में कई स्थानों पर बोटलनेक हटाया गया लेकिन ट्रैफिक जाम से राहत नहीं मिली। ऊपर से रेलवे स्टेशन से दिल्ली गेट कोर्ट चौराहा पर फ्लाईओवर की योजना शुरू होने से साल 2026 में तो ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलना मोक्ष मिलने से भी कठिन लग रहा है। 

क्या अतिक्रमण से मुक्त होगा शहर 

शहर में कई स्थानों पर धड़ल्ले से हो रहे अतिक्रमण पर नगर निगम की कार्यवाहियों के चलते इस साल भी क्या शहर अतिक्रमण से मुक्त होगा ? ऐसा प्रतीत तो नहीं होता लेकिन फिर भी उदयपुर वासी उम्मीद तो कर ही सकते है।      

देश की सबसे बड़ी गोल्ड लूट के आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतज़ार 

2022 के अगस्त माह में हुई मण्णपुरम फाइनेंस कम्पनी में देश की सबसे बड़ी गोल्ड लूट की घटना के डेढ़ साल बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। हालाँकि इस घटना का खुलासा तो हो गया लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। इसी प्रकार सुंदरवास हत्याकांड में बिहार निवासी हत्यारे पर पुलिस और कानून के लम्बे हाथ नहीं पहुँच पाए है। 

कन्हैयालाल हत्याकांड के मुजरिमो को सजा मिलने का इंतज़ार 

वर्ष में 2022 में बहुचर्चित और शहर के साथ देश दुनिया को झकझोर देने वाली कन्हैयालाल हत्याकांड घटना के मुजरिम तो उसी दिन पकड़ में आ गए थे लेकिन उदयपुर को झकझोरने वाली नृशंस घटना के ज़िम्मेदारो को उदयपुर वासी जल्द कड़ी से कड़ी सजा मिलने का समाचार सुनने को बेताब है।  उम्मीद है यह सजा इसी वर्ष सुनाई जाएगी। 

इसी प्रकार 2025 में घटित हुई देवराज हत्या के आरोपी को सजा मिलने और मामले में न्याय होने की उम्मीद है। वहीँ तीन साल पूर्व बोहरा समाज की दो वृद्ध महिलाओ की हत्या की आरोपी को भी सजा मिलने और मामले में न्याय होने का इंतज़ार रहेगा। जबकि इस मामले में आरोपी अभी ज़मानत पर जेल से बाहर है।

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